हिमाचल में डिग्री कॉलेजों की रैंकिंग शुरू

शिक्षा विभाग ने बनाई कमेटी उच्च शिक्षा निदेशक को बनाया अध्यक्ष
हिमाचल के डिग्री कॉलेजों की रैंकिग शुरू कर दी गई है। रैंकिग प्रक्रिया से अब कॉलेजों का हाल जाना जाएगा। उसके आधार पर ही कॉलेजों को नंबर दिए जाएंगे। बेहतर रैंकिंग में आने वाले कॉलेजों को सरकार बजट देगी। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज को संबंधित दस्तावेज विभाग की वैबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग ने स्टेट जोन व क्लस्टर लेवल पर कमेटियां भी गठित कर दी गई है और इसकी गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इसके तहत कॉलेज को 22 अगस्त से 15 अक्तूबर तक सेल्फ असैसमैंट रिपोर्ट तैयार कर विभाग की वेबसाइट पर डालनी होगी। जोनल कमेटी इस रिपोर्ट की इवैल्यूएशन के लिए 25 अक्तूबर तक एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम करवाएगी। इसके बाद 28 अक्तूबर तक क्लस्टर कमेटी रिपोर्ट की इवैल्यूएशन के लिए इस तरह का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करेगी। 5 से 22 नवम्बर के बीच कॉलेजों की फिजिकल वेरीफिकेशन होगी और एक स्कोर शीट तैयार की जाएगी। इसके बाद मामला स्टेट कमेटी को भेजा जाएगा। 5 दिसम्बर तक रैंकिंग रिजल्ट सभी कॉलेजों के साथ शेयर किया जाएगा। इसमें यदि किसी कॉलेज को आपत्ति होगी, तो इसके लिए 23 दिसम्बर तक आवेदन मांगे जाएंगे। 30 दिसम्बर तक इन मामलों का निपटारा होगा और 31 दिसम्बर को कॉलेज की फाइनल रैंकिंग जारी कर दी जाएगी।
निदेशक होंगे कमेटी के अध्यक्ष
विभागीय आदेशानुसार कॉलेज रैंकिग के लिए स्टेट लेवल कमेटी में अध्यक्ष उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक को चुना गया है। जबकि अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा (कॉलेज) इसमें सदस्य और संयुक्त निदेशक संयुक्त निदेशक इसमें सदस्य होंगे। इसी तरह विभाग में 6 जोन की जोनल लेवल कमेटियां भी बनाई है। पहले जोन में शिमला व किन्नौर, दूसरे जोन में सिरमौर व सोलन, तीसरे जोन में बिलासपुर, हमीरपुर व ऊना, चौथे जोन में कांगड़ा, पांचवें जोन में चंबा और छठे जोन में मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पिति जिलों को लिया गया है। इस दौरान विभाग ने कॉलेज के 23 क्लस्टर कमेटी भी गठित की गई है। इसमें क्लस्टर का वरिष्ठ प्रधानाचार्य को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि दूसरा वरिष्ठ प्रधानाचार्य इसका उपाध्यक्ष बनाया गया है। कॉलेजों के एक या दो वरिष्ठ प्रोफेसर को इसमें सदस्य बनाया जा सकता है।
