शिक्षक – गैर शिक्षकों की 30 सितंबर तक भेजनी होगी एसीआर
- शिक्षा विभाग ने उपनिदेशकों को दिए आदेश, 2020 से लेकर 2024 तक की मांगी रिपोर्ट
- एसीआर खराब होने पर रूकेगी इंक्रीमेंट
शिक्षा विभाग ने भी एसीआर रूल्स को सख्त बना दिया है। सोमवार को शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया है कि हर साल 30 सितंबर तक शिक्षक व गैर शिक्षकों की एसीआर आ जानी चाहिए। शिक्षा विभाग ने एसीआर यानि कि वार्षिंक रिपोर्ट बनाने वाले संस्थान के प्रबंधक को भी हिदायतें दी है कि एसीआर में डिफॉल्टर के बारे में बढ़ा चढ़ाकर न लिखे। वही डिफॉल्टर शिक्षक व गैर शिक्षकों पर कार्रंवाई करते हुए एसीआर में भी मैंशन किया जाए।
विभाग ने स्पष्ट करते हुए एसीआर बनाने वाले संबधित अधिकारी व जिला उपनिदेशकों को साफ किया है कि वो निदेशालय में रिपोर्ट भेजने से पहले सही से जांच ले। अब जिलों से शिक्षक व कर्मचारियों की एसीआर रिपोर्ट 30 सितंबर से पहले न पहुंचने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। विभागीय पत्र में कहा गया है कि एसीआर खराब रहने पर शिक्षक व गैर शिक्षकों की इंक्रीमेंट भी रूक जाएगी। अब एसीआर के आधार पर ही शिक्षा विभाग कर्मचारियों की इंक्रीमेंट लगाएगा।

हैरत इस बात की है कि शिक्षा विभाग में 2020 से लेकर कर्मचारियों की एसीआर नहीं पहुंची है। इस वजह से कई शिक्षकों व गैर शिक्षकों की इंक्रीमेंट पर भी बूरा असर पड़ा है। विभाग ने 2020 से लेकर 2024 तक सभी कर्मचारियों की एसीआर भेजने के आदेश दिए है।
